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सोमवार, 5 अगस्त 2013

"देश -विदेशों में इस पक्ष क्या -क्या हो सकता है ?"{अगस्त -13 }

"देश -विदेशों में इस पक्ष क्या -क्या हो सकता है ?"{अगस्त -13 }
---एकादश्याम शनौ तस्मिन्नछत्र भंगोअथवाभुवि,नगरग्राम भंगः स्याद वैरी चौरा द्युप्द्रवाह !!
-----भाव ----ग्रहों के नव -पंचम द्विर्दशम योग असंभावी कुघतना चक्र का संकेत करते हैं 1 ईद
,स्वतन्त्रतादिवस ,रक्षाबंधन तथा जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष चौकसी बरतनी होगी !
  -----साथ ही साथ ---एकादशी शनिवार की होती है-- उस पक्ष में- किसी महानगर ,ग्राम अथवा प्रदेश में भारी क्षति होती है 1 चोर, उच्चक्के ,लफंगे, असमजिक्तत्व ,आतंकी धार्मिक भावना को ठेंस पहुँचाकर दंगा भड़काने की कोशिश करते हैं 1 मंदिर -मस्जिद -गुरुद्वारा -चर्च आदि को लेकर झगडे -झमेले होते हैं 1 सरकारी तौर पर कड़े से कड़े कदम उठाये जा सकते हैं 1
  ---तेजी मंदी विचार -तिथियों की कमी -वृद्धि होने से पदार्थों की वृद्धि होगी साथ ही बाजार के भाव पड़े रह सकते हैं 1 पक्ष के आरम्भ में बने भाव अंत में पलट जायेंगें 1 कर्क का मंगल ---सभी अनाज -दाल ,चावल ,गुड ,चीनी ,सूतीवस्त्र,धागा ,पन्ना भैंस -बकरी आदि में तेजी करेगा 1
 --- आकाश लक्षण ----पक्ष के आरम्भ एवं अतं में सभी जगहों पर वर्षा होगी 1 रक्षाबंधन --21 अगस्त बुधवार उद्या  पूर्णिमा के दिन मान्य रहेगा 1
--प्रेषकः ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }
{ज्योतिष परामर्श शुल्क -100 सौ रूपये केवल ,आजीवन ज्योतिष परामर्श शुल्क -1100 सौ रूपये केवल---सहायता सूत्र -09897701636 +09358885616 समय प्रातः -8 . 00 से रात्रि -9 . 30 तक }

ज्योतिष सेवा सदन "झा शास्त्री "{मेरठ } Slideshow Slideshow

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रविवार, 4 अगस्त 2013

"निवास की जगह सोचकर लें?"

"निवास की जगह सोचकर लें?"

निवास की कामना सबको होती है । कुन्तु निवास की कोंनसी दिशा हो ,एवं कहाँ लें, यह सभी सोचते जरुर हैं । -निवास के स्थान को {वास्तु }शास्त्रों में कहा गया है ।--स्थान बलबती राजन ? अर्थात स्थान मजबूत हो तो स्थान पर रहने वाले बहुत ही मजबूत हो जाते हैं ।

   आइये हम आपको भवन या जगह लेने में कुछ सुझाव देते हैं---?

{1}-मेष -राशि वालों को -नगर अथवा  भूखंड के उत्तर  भाग की पहली जगह या मकान नहीं लेने चाहिए ।

{२}-वृष-मिथुन सिंह और मकर राशिवालों को नगर या भूखंड के मध्य भाग की जगह या मकान अत्यधिक रास नहीं आते  हैं।।

{३}-वृष एवं मिथुन राशि के लोग -भूखंड के मध्य भाग में न वसें ।

{४}-वृश्चिक राशि के लोग -भूखंड के पूर्व भाग में न वसें ।

{५}-मीन राशि के लोग -भूखंड के अग्निकोण में निवास न लें ।

{6}-कन्या  राशि के लोग भूखंड के दक्षिण भाग में न वसें ।

{७}-कर्क राशि के लोग भूखंड के नैरित्य कोण अर्थात दक्षिण एवं पश्चिम के कोण में निवास न लें ।

{८}-धनु राशि के लोग भूखंड के पश्चिम भाग में निवास न करें ।

{९}-तुला राशि के लोग भूखंड के वायव्य कोण अर्थात उत्तर एवं पश्चिम के कोण में निवास स्थान न लें ।

{१०}-मेष राशि के लोग भूखंड के उत्तर भाग में निवास स्थान न लें ।

{११}-कुम्भ राशि के लोग ईशान कोण में अर्थात उत्तर और पूर्व के भाग में निवास न लें ।

    भवदीय निवेदक "झा  शास्त्री  "मेरठ ।

   संपर्क सूत्र -09897701636,09358885616

    

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वास्तु -अर्थात निवास स्थान की शुद्धि ?"

वास्तु -अर्थात निवास स्थान की शुद्धि ?"

जिस भूमि पर जीव निवास करते हैं -उसे वास्तु कहा जाता है | वास्तु के शुभाशुभ फल प्राप्ति के लिए -"मत्स्य पुराण-अ०-२५१ में लिखा है कि अंधकासुर के वध के समय भगवान् शंकर के ललाट से -पृथ्वी पर जो स्वेदबिंदु गिरे उनसे एक भयंकर आकृति का पुरुष प्रकट हुआ | जिसने अन्धकगणों का रक्त पान किया-फिर भी अतृप ही रहा | अतृप्त होने के कारण-त्रिलोकी को भक्षण करने के लिए चल दिया | जिसे महादेवादि देवों ने पृथ्वी पर सुलाकर -वास्तु देवता के रूप में प्रतिष्ठित किया और उसके शरीर में सभी देवताओं ने वास किया ,इसलिए वह वास्तुपुरुष या वास्तुदेवता कहलाने लगे | देवताओं ने वास्तुको-गृहनिर्माण आदि के वैश्वदेव बलि के तथा पूजन ,यग्य, यागादी के समय पूजित होने का वर देकर कहाकि -वापी ,कूप ,तड़ाग ,गरी ,मंदिर ,बाग़ बगीचा जीर्णोंधार ,यग्य मंडप ,निर्माणदि के समय -जो तुम्हारी पूजा प्रतिष्ठा अर्चना करेंगें उन्हें सभी प्रकार की सौख्य समृद्धि मिलेगी ||

भाव -आजकल वास्तु दोष का निदान हमलोग अपने तरीके से करने लगे हैं ,जो उचित नहीं है | वास्तु का सही निदान पूजन ही है न कि चमक -धमक | यदि वास्तु अर्थात भूमि कि वो जगह जहाँ हम निवास करते हैं -को ठीक रखना है तो आधुनिक निदान नहीं प्राचीन निदान करें -जो सहज के साथ -साथ लाभदायक भी है ||
भवदीय -ज्योतिष सेवा सदन"झा शास्त्री "{मेरठ -उत्तर प्रदेश }
निःशुल्क ज्योतिष सेवा रात्रि 8.00 से-9.30- कोई भी मित्र बनकर प्राप्त कर सकते हैं |
सम्पर्कसूत्र -09897701636+09358885616

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"वास्तु दोष या चमक धमक ?"

  "वास्तु दोष या चमक धमक ?"

परिवर्तन तो प्राकृतिक देन है | वो सबका होता रहता है ,किन्तु वास्तविकता ही बदल जाये ,तो कुछ आश्चर्य होता है | आइये अवलोकन करते हैं ,उन ग्रंथों का - कर्मकांड का प्रतिपादन सर्वप्रथम "शांडिल्य "नामक ऋषि ने किया ?भाव था - आने वाले समय में "द्विज" का भरण पोषण किस प्रकार से हो ? जिस भूमि पर हम निवास करते हैं ,वहाँ यदि किसी प्रकार के भवन का निर्माण करते हैं तो "भूमि दोष " लगता है ,अर्थात  परिवार की प्रसन्नता के लिये हमें वास्तु का विचार करने चाहिए ,पर आज आबादी इतनी हो गयी है कि, आप चाहकर भी दोष मुक्त भूमि का चयन नहीं कर सकते हैं ,तो आपको वास्तु का निवारण करना चाहिए | -शास्त्रों का मत है कि "वास्तु" नाम का कोई असुर उत्पन्न हुआ ,वो इतना बलशाली था ,कि किसी भी देबता से पराजित नहीं हुआ ,अंत में "भगवान विष्णु " ने बरदान दिया ,कि किसी भी शुभ कार्ज़ में आपकी भी पूजा होगी ,और यदि भवन का निर्माण होगा तो "प्रधान देबता उस यग्य के आपही होंगें | अतः -वैदिक परम्परा में कोई भी संस्कार धार्मिक हो   तो उसमें  "नाग  की पूजा अवश्य  होती  है | -मकान  के निर्माण में यदि कोई दोष रह  जाता  है, और आज के युग  में  तो दोष ही दोष रहते  हैं , तो इस  पूजा से आप दोष से मुक्त हो जाते  हैं -परन्तु  आज हम भवन  के निर्माण में अत्यधिक रुपयों  का व्यय करते हैं ,पर जिससे  हमारा  कल्याण  होगा, उसके  प्रति विचार न  कर ,हम भव्यता  का अत्यधिक  विचार करते हैं|

भाव -हमें मकान में ये दोष तो देखना ही चाहिए, केवल भव्यता से ही आप प्रसन्न नहीं रहेंगें ,प्रसन्नता  के लिये इन बातों का भी समाधान  करना चाहिए |

भवदीय  -झा  शास्त्री  -मेरठ

-9897701636.9358885616.

शनिवार, 3 अगस्त 2013

"शिवजी "का जलाभिषेक कब हो ?"

"शिवजी "का जलाभिषेक कब हो ?"
---इस वर्ष तारीख -5 अगस्त 2013 सोमवार श्रावण कृष्ण चतुर्दशी में कावड़ द्वारा लाये हुए "श्री गंगाजल "से रुद्राभिषेक किया जायेगा 1 कुछ लोगों को शंका हो सकती है कि अमुक समय में भद्रा है -----ध्यान दें -मिथुन के चंद्रमा में भद्रा का वास स्वर्ग में होता है ----"स्वर्गेभद्राशुभेकार्ये"-----सूत्र के अनुसार स्वर्ग की भद्रा को उत्तम कही है 1 भद्रा -मध्यान्ह में 12 /29 बजे तक रहेगी 1 समय -10 /32 बजे से चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करते ही भद्रा मृत्युलोक में आ जायेगी ---समय -11 /11 से वृष्टि का पुच्छकाल प्रारम्भ हो जायेगा ,जिसे सब कार्यों में सिद्धि देने वाला माना गया है ---"पृथिव्या यानि कर्माणि शुभान्य शुभानि च -तानि सर्वाणि सिध्यन्ति वृष्टि पुच्छे न संशयः !!"
   अतः इस वर्ष जलाभिषेक सोमवार प्रातः 6 -00 बजे से भोले बाबा पर चढ़ाना उत्तम रहेगा !
प्रेषक -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }

शुक्रवार, 2 अगस्त 2013

"हमसे दोस्ती अवश्य करें ?किन्तु जानकारी भी करें ?"

"हमसे दोस्ती अवश्य करें ?किन्तु जानकारी भी करें ?"
ज्योतिष सेवा सदन से दोस्ती कोई भी कर सकते हैं ,किन्तु आपका आचरण ,व्यवहार और संस्कार हमारे योग्य भी होने चाहिए साथ -साथ "ज्योतिष सेवा सदन" की समस्त जानकारी प्रोफाइल में उपलब्ध है --पहले ठीक से पढ़ें और समझें -----फिर अपने अनुकूल ज्योतिष सेवा प्राप्त करें !
{१}-निःशुल्क ज्योतिष जानकारी केवल मित्र अपनी ही एकबार प्राप्त कर सकते हैं--वो भी केवल फ़ोन के द्वरा ही चाहे देश में रहते हों या विदेशों में -अगर विदेशों में रहते हैं तो आप स्काइप पर भी एकबार प्राप्त कर सकते हैं 1 लेकिन ज्योतिष जानकारी प्राप्त करते समय फेसबुक पर मित्रता है इसे चैट पर केवल राम -राम लिखकर साबित करना होगा 1 निःशुल्क ज्योतिष जानकारी का समय केवल रात्रि -8 से 9  . 30 तक है 1
-----{२}-आप दोस्त हैं ज्योतिष सेवा सदन के तो चैट पर  राम -राम के सिवा कुछ न लिखें ,अगर कोई बात आपकी समझ में नहीं आई है तो फ़ोन से कभी भी जानकारी प्राप्त करें यह निःशुल्क है ---अगर निःशुल्क सेवा एकबार मिल चुकी है तो केवल 100 देकर फिर प्राप्त कर सकते हैं इसका समय सुवह -8 से रात्रि 9 . 30  है 1 अगर आप दोस्त नहीं बन सकते हैं ज्योतिष सेवा सदन के तो कोई भी -100 रूपये देकर एकबार जानकारी प्राप्त कर सकते हैं 1
-----{३}-अगर आप आजीवन सदस्य हैं ज्योतिष सेवा सदन के तो आप बारबार  ज्योतिष की जानकारी स्काइप पर या फ़ोन से प्राप्त कर सकते हैं ----आशा है जुड़े हुए मित्र एवं जुड़ने वाले सभी मित्र इस नियम पर अवश्य ध्यान देंगें 1
भवदीय -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }
प्रबंधक -पंडित कन्हैयालाल झा शास्त्री ---सहायता हेतु उपलब्ध सूत्र -09897701636 +09358885616

"शेयर मार्केट "ज्योतिष-विचार {अगस्त -2013 }?"

"शेयर मार्केट "ज्योतिष-विचार {अगस्त -2013 }?"
---मास की शुरुआत में "कर्क का बुध शेयर मार्केट को प्रभावी करेगा अतः बाजार में तेजी का रुख बाद में दिखाई देगा -इसलिए तारीख -6 को इसका प्रभाव ख़त्म होने के बाद ही म्युचुअल फंड में निवेश करें ,बजाज आटो ,विदियोकोन ,फूड इण्डस्ट्रीज ,आयरन शेयर्स आदि में भी तेजी आ सकती है 1 एल. जी ,सैमसंग ,हुंडई आदि के शेयरों में भी तेजी का योग बनेगा ,जो कि तारीख -20 तक बरकरार रहेगा 1 सूर्यदेव की सिंह संक्रांति तारीख -16 दिन शुक्रवार को 30 मुहुर्ती सामर्घ पड़ेगी जिससे बाजार में तेजी मंदी का मिला जुला रुख रहेगा 1 बिडला ग्रुप के शेयर्स ,एयरसेल .एन . डी . टी वी ,हिंडाल्को ,निफ्टी आदि में तेजी रहेगी ,टेक्सटाइल ,वीडियोकोन ,सैमसंग ,एल . जी ,रिलायंस ,एल . आई. सी ,मारुती ,हांडा ,बजाज आटो आदि शेयर्स तेज होंगें 1 रिलायंस, टेस्को ,एस . बी . आई , सत्यम ,आदि के भाव सम रहेंगें 1 बैंकिंग के शेयरों में हल्की मंदी आकर बाद में तेजी आयेगी 1 तारीख -20 से -25 को मार्केट में खरीदारी का अवसर रहेगा -निवेशक निवेश कर सकते हैं 1 जी . टेली ,बी . पी . एल , मशीनरी , वाहन आदि से जुड़े शेयर्स काफी तेज होंगें 1 सूचना प्रोद्योगिकी , वी . एस . एन . एल ,एम. टी . एन . एल , पीले व सफेद रंग के पदार्थों में अच्छी तेजी आयेगी 1 मास के अंत में शुक्र +गुरु के प्रभाव से विदेशी मुद्रा में बढ़त ,व्याज दरें तेज ,बैंकिंग ,आई . टी , इलेत्रानिक पार्ट बनाने वाली सभी कम्पनियों के शेयर्स में तेजी का योग बनता है 1 निवेशक इस अवसर का फायदा उठा सकते हैं ,पर ध्यान दें मेटल गिरेगा
नोट -अगस्त -2013 -में निवेश हेतु मुख्य शेयर्स -रिलायंस ,बी . पी .एल ,एम् . टी . एन . एल , हुंडई ,एयरटेल ,वोडाफ़ोन ,बजाज आटो ,एक्सिस ,एयरसेल 1
प्रेषकः -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }
परामर्श शुल्क एकबार केवल 100 रूपये ,आजीवन व्यक्तिगत परामर्श शुल्क -1100 -हेल्पलाइन -09897701636 +09358885616 {निःशुल्क परामर्श भी एकबार मित्र बनकर रात्रि -8 से 9 -30 में प्राप्त कर सकते हैं }

गुरुवार, 1 अगस्त 2013

"राहु -ग्रह"= की विशेषता को जानते हैं ?"

"राहु -ग्रह"= की विशेषता को जानते हैं ?"
--दुष्ट ग्रह "राहु " शनि के समान ही प्रभावशाली अर्थात फल प्रदान करता है ! तीसरे ,छठे भाव में "राहु "महाबली होता है साथ ही जातक को भी बलशाली बनता है 1 साथ ही सफल कूटनीतिग्य बनाता है और अपनी दशा में जातक को अपार धन,धान्य एवं वैभव भी प्रदान करता है 1
{2 }-दशम और एकादश भाव में भी रक्षा करता है तथा अन्य सभी भावों में यह मारक ही हो जाता है --और चौथे भाव स्थित राहु अपनी दशा में बालक विद्या चाहने के बाद भी नहीं पढ़ पाता है1
इससे बचने के लिए राहु के जाप ,दान,हवन उपयोगी हो सकते हैं ---रत्न गोमेद भी धारण कर सकते हैं
"राहु " का बीज मन्त्र सरल भाषा में -ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहुवे नमः संख्या -18000 ---
परामर्श शुल्क-100 रूपये केवल, आजीवन सदस्यता शुल्क -1100 ----सहायता सूत्र -09897701636 +09358885616 {भारत }   

"निःशुल्क ज्योतिष जानकारी केवल एकबार ही दे पाते हैं -इसका हमें खेद है ?"

"निःशुल्क ज्योतिष जानकारी केवल एकबार ही दे पाते हैं -इसका हमें खेद है ?"

निःशुल्क ज्योतिष जानकारी एकबार प्राप्त करने के बाद कृपया निःशुल्क ज्योतिष सेवा सदन के आजीवन सदस्य बनें या तत्काल 100 सौ रूपये देकर ज्योतिष जानकारी प्राप्त करें ---यदि ज्योतिष सेवा सदन पसंद हो तो अन्यथा "राम- राम " आप प्रसन्न रहें यही आशीर्वाद ज्योतिष सेवा प्राप्त सभी मित्रों को ---



-----हम निःशुल्क ज्योतिष सेवा प्राप्त कर चुके मित्रों से मित्रता समाप्त कर देते हैं --इसकी वजह फेसबुक पर अत्यधिक मित्रों के साथ जुड़ें नहीं रह सकते हैं --इसका हमें खेद है -----आप -फेसबुक पेज www.facebook.com/pamditjha. -ज्योतिष सेवा सदन -से जुड़े रह सकते हैं !

------आप हमारे फेसबुक पेज -ज्योतिष सेवा सदन से भी जुड़कर निःशुल्क ज्योतिष सेवा प्राप्त करने के बाद -पाक्षिक ज्योतिष देश -विदेशों की घटना ,ज्योतिष एवं कर्मकांडों के आलेखों ,वार्षिक राशिफल ,राजनीति विचार ,शेयर मार्केट विचार ,के साथ -साथ तंत्र ,मन्त्र और यंत्रों की भी लेखों को पढ़ सकते हैं !

--------- भवदीय -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }


प्रबंधक -पंडित कन्हैयालाल झा शास्त्री -अधिक जानकारी हेतु हेल्पलाइन -{09897701636+09358885616}

बुधवार, 31 जुलाई 2013

"मंगल ग्रह से वैधव योग भी बन जाता है ?"

"मंगल ग्रह से वैधव योग भी बन जाता है ?"
----अग्निकारक ग्रह मंगल है -जब यह लग्न और सप्तम में बैठता है तो मानव में क्रोध बहुत अधिक होता है 1 पति -पत्नी में इसी के कारण विशेष रूप से लडाइयां होती हैं 1 कारण कि "मंगल" युद्ध का ग्रह है इसको लडाई रोज चाहिए 1 जिनका "मंगल" 8 या 12 भाव में होता है उसका देहबल और मनोबल ठीक नहीं रहता है 1 रोग से पीड़ित रहते हैं ,काम करने की हिम्मत होने के बाद भी काम नहीं कर पाते 1 यदि -शनि के साथ मंगल बैठा हुआ होगा तो जीवन में जातक धन को स्थिर नहीं कर पाएगा 1 यह अकाट्य सिद्धांत है 1 -----1 ,4 ,7 ,8 ,12 भावों में यदि मंगल होता है तो वह जातक मंगली कहलाते हैं 1 इसमें एक और सूक्ष्म विवेचन है -वह लग्न से मंगली हो ,चन्द्र से मंगली हो ,शुक्र से मंगली हो तो वह मंगली माना जाता है 1 यदि विवाह के बाद मंगल महादशाओं में आ जाता है और जातक मंगली नहीं होता है तो वैधव योग उपस्थित हो जाता है 1
  ---प्रेषकः ज्योतिष सेवा सदन [मेरठ -भारत }
ज्योतिष परामर्श शुल्क -1100 सौ भारत में --सहायता हेतु उपलब्ध सूत्र -09897701636 +09358885616

मंगलवार, 30 जुलाई 2013

shiv


    ---भवदीय निवेदक "झा शास्त्री " {मेरठ भारत }
    निःशुल्क ज्योतिष सेवा रात्रि 8 से-9.30 ऑनलाइन होकर फ़ोन से एकबार कोइ भी दोस्ती कर प्राप्त कर सकते हैं
    संपर्क सूत्र -09897701636+09358885616

"शिवलिंग पूजन का प्रारंभ एवं महत्त्व को जानने की कोशिश करते हैं !"

"शिवलिंग पूजन का प्रारंभ एवं महत्त्व को जानने की कोशिश करते हैं !"
 दक्ष -प्रजापति ने अपने यग्य में 'शिव" का भाग नहीं रखा ,जिससे कुपित होकर -माँ पार्वती ने दक्ष के यग्य मंडप में योगाग्नि द्वारा अपना शरीर को भस्म कर दिया |यह विदित  होने के वाद  -भगवान् "शिव"अत्यंत  क्रुद्ध हो गए एवं नग्न होकर पृथ्वी पर भ्रमण करने लगे | एक दिन वह [शिव ] नग्नावस्था में ही ब्राह्मणों की नगरी में पहुँच गए | शिवजी के नग्न स्वरूप को देखकर भूदेव की स्त्रीयां उन पर मोहित हो गईं |स्त्रिओं की मोहित अवस्था को देखकर ब्राह्मणों ने शिवजी को शाप दे दिया कि-ये लिंग विहीन तत्काल हो जाएँ एवं शिवजी शाप से युक्त भी हो गए ,जिस कारण से तीनों लोकों में घोर उत्पात होने लगा |
   ----समस्त देव ,ऋषि ,मुनि व्याकुल होकर ब्रह्माजी की शरण में गए | ब्रह्मा ने योगबल से शिवलिंग के अलग होने का कारण जान लिया और समस्त देवताओं ,ऋषियों ,एवं मुनियों को साथ लेकर शिवजी के पास गए -ब्रह्मा ने शिवजी से प्रार्थना की कि -आप अपने लिंग को पुनः धारण करें -अन्यथा तीनों लोक नष्ट हो जायेंगें | स्तुति को सुनकर -भगवान् शिव बोले -आज से सभी लोग मेरे लिंग की पूजा प्रारंभ कर दें ,तो मैं अपने लिंग को धारण कर लूँगा | शिवजी की बात सुनकर सर्वप्रथम ब्रह्मा ने सुवर्ण का शिवलिंग बनाकर उसका पूजन किया | पश्चात देवताओं ,ऋषियों और मुनियों ने अनेक द्वयों के शिवलिंग बनाकर पूजन किया | तभी से शिवलिंग के पूजन का प्रारंभ हुआ ||
----जो लोग किसी तीर्थ में -मृतिका - के शिवलिंग बनाकर -उनका हजार बार अथवा लाख या करोड़ बार सविधि पूजन करते हैं-वे शिव स्वरूप हो जाते हैं || जो मनुष्य तीर्थ में मिटटी ,भस्म ,गोबर अथवा बालू का शिवलिंग बनाकर एक बार भी उसका सविधि पूजन करता है -वह दस हजार कल्प तक स्वर्ग में निवास करता है-शिवलिंग का विधि पूर्वक पूजन करने से -मनुष्य -संतान ,धन ,धन्य ,विद्या ,ज्ञान ,सद्बुधी ,दीर्घायु ,और मोक्ष की प्राप्ति करता है ||---जिस स्थान पर शिवलिंग का पूजन होता है ,वह तीर्थ नहीं होते हुआ भी तीर्थ बन जाता है | जिस स्थान पर शिवलिंग का पूजन होता है ,उस स्थान पर जिस मनुष्य की मृत्यु होती है-वह शिवलोक को प्रप्त करता है | जो शिव -शिव ,शिव नाम का उच्चारण करता है -वह परम पवित्र एवं परम श्रेष्ठ हो जाता है ||--भाव -जो मनुष्य शिव -शिव का स्मरण करते हुए प्राण त्याग देता है -वह अपने करोड़ों जन्म के पापों से मुक्त होकर शिवलोक को प्राप्त करता है ||---शिव =का - अर्थ है -कल्याण || "शिव "यह दो अक्षरों वाला नाम परब्रह्मस्वरूप एवं तारक है इससे भिन्न और कोई दूसरा तारक नहीं है --{"तारकं ब्रह्म परमं शिव इत्य्क्षर द्वयं |नैतस्मादपरम किंचित तारकं ब्रह्म सर्वथा }||
---भवदीय निवेदक "झा शास्त्री " {मेरठ भारत }
निःशुल्क ज्योतिष सेवा रात्रि 8 से-9.30 ऑनलाइन होकर फ़ोन से एकबार कोइ भी दोस्ती कर प्राप्त कर सकते हैं
संपर्क सूत्र -09897701636+09358885616

रविवार, 28 जुलाई 2013

"शुभ ग्रह "शुक्र "और "मंगल "{ज्योतिष विशेष }?"

"शुभ ग्रह "शुक्र "और "मंगल "{ज्योतिष विशेष }?"
----"शुक्र "बहुत शुभ ग्रह है -सहत्रसार में अमृत के कुंड का संचालन यही करता है 1 जिह्वा और जनेन्द्रिय में इसका निवास होता है 1 शरीर के मुख्य संचालन का कार्य भार "शुक्र "के ही कारण है 1 भगवान शंकर के वरदान अनुसार "बृहस्पति "से तीन गुणा बल इसमें अधिक है 1 सब ग्रह आठवें ,बारहवें भाव में सारहीन हो जाते हैं ,किन्तु "शुक्र "आठवें और बारहवें भाव में हो और साथ ही इसकी महादशा चल जाये तो जातक को अरबों ,खरबों रूपये ,वाहन सुख,राज्यसुख,स्त्रीसुख अर्थात सबकुछ प्रदान कर देता है 1
   ------साथ ही अगर मंगल के साथ शुक्र होता है तो वह काम पिपासा का धनि भी इतना बता है कि 90 वर्ष तक भी काम के क्षेत्र में हल्का नहीं होने देता है जातक को 1 अर्थात वह ब्रह्मचारी रहने ही नहीं देता और बिना ब्रह्मचारी रहे ईस्वर की उपासना हो ही नहीं सकती है 1
   बाबा तुलसीदास ज की ये उक्ति ----"जहां राम तहां काम नहि ,जहां काम कहां काम 1
                                                         तुलसी कबहुंक रहि सकहि ,रवि ,रजनी एक ठाम 11
अस्तु ---श्री हनुमानजी को छोड़कर कामदेव से सब पराजित हुए हैं ,शुक्र लाभदायी ग्रह है 1
     "शुक्र "का बीज मन्त्र सरल भाषा में -ॐ द्राम द्रीम द्रोम सः शुक्राय नमः !
अर्थात -कुंडली मिलान के समय "शुक्र +मंगल  का भी विशेष विचार अवश्य ही करना चाहिए !
प्रेषकः -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }
परामर्श शुल्क -1100 सौ रूपये आजीवन ---सहायता -सूत्र -09897701636 +09358885616  

गुरुवार, 25 जुलाई 2013

"विवाह में विलम्ब क्यों होता है ?"

"विवाह में विलम्ब क्यों होता है ?"

----बालक के विवाह का कारक ग्रह "शुक्र "और कारक  सप्तम भाव होता है 1यदि बालक की कुण्डली में "शुक्र "कमजोर ,नीच ,पापी ग्रहके प्रभाव में होगा तो निश्चित विवाह में बिलम्ब के साथ -साथ बाधा भी उत्पन्न होगी ! -------यदि "शुक्र "बालक की कुण्डली में बलवान ,मित्र या उच्च राशिमें है ,किन्तु सप्तम अथवा सप्तमेश पर पापी ग्रहों का प्रभाव है ,अथवा सप्तमेश नीच का है तो भी विवाह होने में देर होगी -अथवा विवाह में बाधा होगी !
-------इसी प्रकार बालिका की कुण्डली में "गुरु "पतिकारक ग्रह तथा सप्तमभाव व सप्तमेश विवाह कारकहोता है !---बालिका की कुण्डली में "गुरु "शत्रुराशि ,नीच ,अस्त या पापी ग्रह के प्रभाव में होगा तो बालिका के विवाह में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा !-----बालिका की कुण्डली में "गुरु "के साथ सप्तमभाव एवं सप्तमेश को मित्र राशि,उच्चराशि के साथ -साथ शुभ प्रभाव में होना जरुरी है !----
   -----यदि "शुक्र एवं "गुरु "शुभ या मित्र राशि में हो या अपनी उच्च राशि में हो लेकिन सप्तम भाव अथवा सप्तमेश पापी प्रभाव में हो या नीच राशि के साथ -साथ अस्त हो तो विवाह तो होगा ,किन्तु विरोधाभास {परस्पर विरोध }या अस्वस्थता तो रहेगी ही वैवाहिक जीवन के सुख में अशांति रहेगी !
   -----नोट ---दाम्पत्य सुख में सप्तम भाव और सप्तमेश साथ ही सप्तमेश और द्वादश भाव का स्वामी ग्रह कमजोर ,नीच ,पापी ग्रह के प्रभाव में हो तो विवाह सुख में बाधा आती है !
प्रेषकः -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत } परामर्श शुल्क -1100 सौ रूपये -हेल्पलाइन -09897701636+093588885616-समय -सुवह 8 से रात्रि 9,30 तक !

मंगलवार, 23 जुलाई 2013

"देश -विदेशो में क्या होगा !23/से 6/07/2013?"

"देश -विदेशो में क्या होगा !23/से 6/07/2013?"

---"यत्र मासे महीसुनोर्जायन्तेपंचवासराः रक्तेन पूरिता पृथ्वी छत्र भंग्स्तदा भवेत्  !
अर्थात -विश्व के किन्ही देशों में आतंकी कुकृत्य ,युद्धादिके चलते रक्तपात होगा 1किसी देश -प्रदेश की सत्ता पलट जाएगी 1असामाजिकतत्व धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास करेंगें !
    "आदित्यागच्छति ह्य्ग्रे पृष्ठे भवन्ति भुसुतः -मध्ये सोमसुतो यातिसुर्भिक्षम तत्र दृश्यते !
अर्थात -पैदावार बढ़ने से ,उद्योग धंधों में उत्पादन अधिक होने से सुभिक्ष होगा !देश में विदेशियों का बढ़ता वर्चस्व सर्वहारा वर्ग के लिए उत्तम नहीं है !
------तेजी मन्दि विचार -----इस पक्ष में चालू मार्किट के भाव घटते -बढ़ते रहेंगें !मंदी में संग्रह करने वालों को आगे चलकर लाभ मिलेगा !चांदी-सोना एवं अन्यधातुओं के भाव पड़े रह सकते हैं !दैनिक उपयोग की की वस्तुओं में तेजी का रुख रहेगा !सट्टाबाजार ,सर्राफा एवं शेयर मार्किट गरम रहेगी !
------आकाश लक्षण -----अगस्त के पूर्वार्ध तक गुरु+ मंगल का राशि संयोग वर्षा की कमी करेगा तथा सिंह का शुक्र इस योग का सहायक बनेगा !मध्य भारत में वायुवेग झंझावात के साथ हलकी वर्षा होगी !भारत के पूर्व में अधिक वर्षा और बाढ़ के कारण क्षति होगी !सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्दिन होने से यातायात बाधित रहेगा !गुजरात में प्राकृतिक आपदा रेल -खान -कुघतना चक्र संभव है !
   --प्रेषकः ज्योतिष सेवा सदन -{मेरठ -भारत }

सोमवार, 22 जुलाई 2013

"ज्योतिष सेवा सदन" से शिकायत है तो अभी बतायें?"

"ज्योतिष सेवा सदन" से शिकायत है तो अभी बतायें?"
{1}--अगर ज्योतिष सेवा सदन से कोईशिकायत है -भारत में रहते हैं --फ़ोन से हमें बतायें हम शिकायत को दूर करने की कोशिश करंगें -हेल्प लाइन -09897701636+09358885616-समय -प्रातः 8 से रात्रि -9.30 तक |
-----{2}-अगर विश्व के किसी भी भूभागों पर रहते हैं -ज्योतिष सेवा सदन से शिकायत है -तो हमें -स्काइप पर बतायें या फ़ोन से बतायें--स्काइप -आईडी ----ज्योतिष .सेवा.सदन ----है -हेल्पलाइन -09897701636+09358885616--|
-----{3}-आप आजीवन सदस्य हैं ज्योतिष सेवा सदन के --कोई शिकायत है -तो आप स्काइप पर या हेल्पलाइन से शिकायत करें प्रातः 8 से 9.30 तक |
-----{4}1990 तक जन्मे हुए मित्रों को ज्योतिष की एकबार फ्री जानकारी चाहिए -रात्रि 8 से.30 में भारत में रहते हैं तो फ़ोन से ही प्राप्त करें ----हेल्पलाइन -09897701636+09358885616--है |
----{4}-1990 तक जन्मे हुए विश्व के किसी भी भूभागों पर रहते हैं भारत को छोड़कर तो आप फ्री ज्योतिष जानकारी एकबार स्काइप पर प्राप्त कर सकते हैं -किन्तु पहले दोस्ती फेसबुक पर करनी होगी तभी एकबार फ्री जानकारी स्काइप पर प्राप्त कर सकते हैं |-स्काइप आईडी -ज्योतिष.सेवा.सदन है |
----{5}---अगर आपका जन्म -1990 के बाद में हुआ है ,दोस्ती करने में असमर्थ है ,ऑनलाइन रहने में असमर्थ हैं किन्तु  ज्योतिष की जानकारी चाहते हैं -तो केवल 100 देकर प्राप्त कभी भी कर सकते हैं चाहे देश में रहते हों या विदेशों में |
आशा है इन नियमों  का पालन करेंगें सभी ज्योतिष प्रेमी मित्र बंधू  ---अगर आपसे ज्योतिष सेवा सदन अनुचित व्यवहार किया हो ,आप इन नियमों का पालन करते हैं फिर भी ज्योतिष सेवा सदन आपको धन के विन सेवा नहीं दी हो या जबरदस्ती धन के लिए उकसाया हो तो अभी शिकायत करें |
--प्रेषकः -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }
प्रबन्धक -पंडित कन्हैयालाल झा शास्त्री -हेल्पलाइन -09897701636+09358885616---|


रविवार, 21 जुलाई 2013

"गुरु पूर्णिमा {व्यास पूर्णिमा }पर एक दृष्टि ?"

"गुरु पूर्णिमा {व्यास पूर्णिमा }पर एक दृष्टि ?"
---आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं । प्राचीन काल में विद्यार्थी "गुरुकुलों "में शिक्षा प्राप्त करने जाते थे । छात्र इस दिन श्रद्धा भाव से प्रेरित अपने गुरु का पूजन करके अपनी शक्ति के अनुसार दक्षिणा देकर गुरूजी को प्रसन्न करते थे ।
----अस्तु --- इस दिन पूजा से निवृत्त होकर अपने गुरु के पास जाकर -वस्त्र,फल ,फूल एवं माला अर्पण करके उन्हें प्रसन्न करना चाहिए । गुरु का आशीर्वाद ही कल्याणकारी और ज्ञानवर्धक होता है । चरों वेदों के व्याख्याता व्यास ऋषि थे । हमें वेदों का ज्ञान देने वाले व्यास जी ही हैं । इसलिए वे हमारे आदि गुरु हुए । उनकी स्मृति को ताजा रखने के लिए हमें अपने -अपने गुरुओं को व्यास जी का ही अंश मानकर उनकी पूजा करनी चाहिए ।
    "श्री गुरुचरण कमलेभ्यो नमः "
प्रेषकः -ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }
प्रबंधक -पंडित कन्हैयालाल झा शास्त्री ------निःशुल्क ज्योतिष सेवा एकबार भारत में रहने वाले मित्रों को फ़ोन से ही मिलेगी ----तथा -विश्व के किसी भी भूभाग पर रहने वाले मित्रों को स्काइप पर ही मिलेगी -समय -रात्रि -8 से 9 .30 प्रत्येक दिन उपलब्ध रहता है । हेल्पलाइन -9897701636 +9358885616 {परामर्श शुल्क -1100-आजीवन प्रति व्यक्ति }

मंगलवार, 16 जुलाई 2013

"प्रधानमंत्री -"डॉ.श्री मनमोहन सिंह जी"{ज्योतिष -विशेष }

"प्रधानमंत्री -"डॉ.श्री मनमोहन सिंह जी"{ज्योतिष -विशेष }
भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री "डॉ श्री मनमोहन सिंह जी -का जन्म 26 -सितम्बर 1932 को दोपहर 2. 00 बजे स्थान -गाहा -{पाकिस्तान }में हुआ । तदनुसार जन्मकालिक ग्रहस्थिति के अनुसार गोचर में योजना स्थान {अर्थात -पंचम भाव }पर राहुयुत -शनि मी नीच दृष्टि है । दुसरे भाव और तीसरे भाव का स्वामी शनि जो कि आपकी देश की समृद्धि एवं हित में लिए गए निर्णयों को असामयिक होने से विपक्षी दल नकारने की कोशिश बहुत करेंगें । जिससे आपको राजनैतिक दृष्टि से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा । 
  -------अस्तु ----इस समय डॉ श्रीमनमोहन सिंह महाभाग जी की जन्मकालिक -दशा के अनुसार राहु की महा
दशा  चल रही है । राहु आपके तीसरे भाव {अर्थात -पराक्रम }में विपरीत -परस्थितियों में भी विपक्षी दल को हाबी नहीं होने देगा । किन्तु राहु में शनि अंतर से मंगल के अंतर दशा तक का समय आपके राजनैतिक -महिमा को क्षीण करता रहेगा तथा आगे स्वास्थ की दृष्टि से भी राजनीति से विमुख कर सकता है । गोचर ग्रहस्थिति के अनुसार संवत -2070 के प्रारम्भ से 7 जुलाई 13तक "तथा -18-अगस्त से 4 -अक्टूबर 2013 तकशनि +मंगल का दशम +चतुर्थ एवं 4 -फरवरी 2014 से लगभग 24 मार्च 2014 तक शनि +मंगल एवं राहु इन तीन दुष्ट ग्रहों के एकसाथ तुला राशि में होने से आपकी सेहत खराब होगी और राजनैतिक योग सुन्दर अर्थात विशेष उपलब्धि वाला नहीं रहेगा । {सर्वग्य तो हरि हैं }
प्रेषकः ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }
    ज्योतिष जानकारी कोई भी मित्र रात्रि -8.00 से 9.30 तक-" {एकबार"}फ़ोन से ही ऑनलाइन होकर प्राप्त कर सकते हैं ।[09897701636+09358885616}

सोमवार, 15 जुलाई 2013

"श्रीमति सोनिया गांधी जी पर विशेष {ज्योतिष की दृष्टि में }?"

"श्रीमति सोनिया गांधी जी पर विशेष {ज्योतिष की दृष्टि में }?"
-----कांग्रेस पार्टी की सुप्रीमो "श्रीमति सोनिया गांधीजी"--का जन्म 9 दिसंबर 1948 -जन्म समय -21.15 स्थान -तुरीन देश -इटली में हुआ । ----जन्मकालिक -ग्रहस्थिति के अनुसार केतु की महादशा में शुक्र का अंतर चल रहा है । शुक्र चतुर्थ स्थान में अपनी तुला -राशि -में शत्रु ग्रह "गुरु "के साथ आयेस होकर बैठा है । तथा इस समय गोचर ग्रहस्थिति के अनुसार तुला राशि में "शनि +राहु भी शुक्र के साथ युति कर रहे हैं ।
    अस्तु ------नवीनतम घोटाले कांग्रेस नेतृत्व को भारी पड़ेंगें । विधान सभाई चुनावों में भी कांग्रेस नेताओं {सुप्रीमो }की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा । केंद्र में बन रही धमाकेदार परिस्थितियां कांग्रेस पार्टी एवं सुप्रीमो के महत्त्व को शक्ति हीन कर सकती है । अतः बहुत ही सोच समझ कर ही राजनीति में पग उठाने होंगें ।
   ----गोचर ग्रहस्थिति के अनुसार संवत -2070 में -18 -अगस्त से 5 अक्टूबर -2013 तक तथा -4 -फरवरी -2014 -से 24-मार्च -2014-तक का समय "श्रीमति सोनिया गांधी जी के लिए राजनैतिक क्षेत्र एवं प्रशासकीय दिशा में भारी कठिनाइयों से भरपूर मालूम देता है । 18 -अगस्त -2013  से मार्च -2014-तक श्रीमति  सोनिया गांधी जी --परिवार को अपने स्वास्थ तथा सुरक्षा के बारे में विशेष सावधान रहना बहुत ही जरुरी है ।
     आगे सर्वग्य तो प्रभू ही हैं ?     
  निवेदक ---ज्योतिष सेवा सदन --कृष्णपुरी धर्मशाला देहली गेट मेरठ उत्तर प्रदेश {भारत }  --अगर आप ज्योतिष की आजीवन जानकारी चाहते हैं तो शुल्क केवल -1100 प्रति व्यक्ति देकर या दोस्त नहीं बनना चाहते हैं तो भी -1100 रूपये देकर ही प्राप्त कर सकते हैं ।
{ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }--सहायता हेतु सूत्र ---919897701636+919358885616--समय सुवह 8 से रात्रि -9.30 तक }।